शनिवार, 31 अक्टूबर 2020

गिरफ्तारी से बचने के लिए दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश ने दायर की अग्रिम जमानत की याचिका, घर से ड्रग्स मिलने के बाद से हैं गायब

एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई की एनडीपीएस कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। दो बार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा समन करने के बाद भी वे जांच एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए जाहिर नहीं हुईं हैं। इसके बाद गुरुवार को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (NDPS) अधिनियम के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

मंगलवार को करिश्मा के घर से एनसीबी की टीम को 1.8 ग्राम ड्रग्स बरामद हुई थी। इसके बाद एनसीबी ने समन करके करिश्मा को पूछताछ के लिए बुधवार को बुलाया था। पूरे दिन एनसीबी के अधिकारी उनका इंतजार करते रहे। लेकिन वह हाजिर नहीं हुई।

घर से बहुत कम मात्रा में ड्रग्स हुई है बरामद

हालांकि, करिश्मा के घर से बरामद ड्रग्स बहुत छोटी मात्रा में है, लेकिन इसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। NCB सूत्रों के मुताबिक, करिश्मा के इस घर से सीबीडी ऑइल की तीन शीशियां भी जब्त किया गया है। आरोप सिद्ध होने पर उन्हें एक साल सश्रम कारावास या 10,000 रुपए तक का जुर्माना, या दोनों हो सकता है।

रेड के दौरान घर पर नहीं थीं करिश्मा

NCB ने करिश्मा के घर मंगलवार को छापा मारा था, वहां कुछ मात्रा में ड्रग्स मिली थी। हालांकि, इस कार्रवाई के वक्त करिश्मा घर पर नहीं थीं। इसलिए, NCB ने उनके घर के बाहर समन चिपका दिया। जांच में सामने आया है कि करिश्मा ड्रग्स पैडलर्स से लगातार कॉन्टैक्ट में थीं। करिश्मा के जिस घर पर कार्रवाई हुई वो उनका दूसरा घर है। बताया जा रहा है वे यहां आती रहती हैं। हालांकि, उनके वकील ने इस बात का खंडन किया है कि वे यहां रहती हैं।

NCB इससे पहले भी करिश्मा से 2 बार पूछताछ कर चुकी है। एक बार दीपिका पादुकोण के सामने बैठाकर करिश्मा से पूछताछ की गई थी।

दीपिका और करिश्मा की ड्रग्स चैट सामने आई थी

पिछले महीने दीपिका और करिश्मा के बीच ड्रग्स को लेकर हुई बातचीत सामने आई थी। 28 अक्टूबर 2017 की चैट में दीपिका ने दीपिका ने ‘hash’ और ‘weed’ शब्दों का इस्तेमाल किया था। कयास लगाए जा रहे हैं hash शब्द हशीश के लिए और weed गांजे के लिए इस्तेमाल किया गया।

दीपिका और करिश्मा के बीच ड्रग्स को लेकर हुई बातचीत पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

ड्रग्स कनेक्शन में दीपिका-करिश्मा का नाम कैसे आया?

करिश्मा प्रकाश सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी ‘क्वान’ में काम करती हैं। यह कंपनी 40 से ज्यादा बॉलीवुड सेलेब्रिटीज को टैलेंट मैनेजर मुहैया करवाती है। रिया चक्रवर्ती की मैनेजर जया साहा भी इसी कंपनी के लिए काम करती हैं। जया, करिश्मा की सीनियर हैं। NCB, CBI और ED की टीम जया से कई बार पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान NCB को जया और करिश्मा के बीच हुई चैट का पता चला। इसके बाद मामला दीपिका तक पहुंचा।​​​​



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करिश्मा से NCB ने पिछले महीने भी 2 बार पूछताछ की थी। एक बार दीपिका के सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए थे।- फाइल फोटो।


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जेम्स बॉन्ड का रोल निभा चुके सीन कॉनरी का 90 साल की उम्र में निधन

जेम्स बॉन्ड के नाम से फेमस सीन कॉनरी का 90 साल की उम्र में निधन हो गया है। सीन पहले एक्टर थे जिन्होंने जेम्स बांड की भूमिका को बड़े परदे पर उतारा। वह 007 सीरीज की 7 फिल्मों में बतौर जेम्स बांड नजर आए थे।



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Sean Connery, who played James Bond, died at age 90


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आरोपी ने कहा, मिर्जापुर सीरीज में मुन्ना को देखकर मारी थी गोली, कंगना बोलीं- यही होता है जब अपराधियों का महिमामंडन करते हैं

फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में सोमवार को पेपर देकर लौट रही बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा 21 वर्षीय निकिता की गोली मारकर हत्या की गई थी। रोप नूह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के चचेरे भाई तौसिफ पर लगे हैं।

निकिता तोमर जिसकी हत्या की गई।

दरअसल, तौसीफ निकिता से शादी करना चाहता था। इसलिए वह कॉलेज के बाहर निकिता को ले जाने के लिए उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही निकिता कॉलेज से बाहर आई, तौसीफ उसे जबरन कार में बिठाने लगा। लेकिन निकिता ने इंकार करते हुए विरोध किया तो तौसीफ ने उसे गोली मार दी। इस दौरान रेहान कार के अंदर बैठा हुआ था। इस घटना के बाद दोनों वहां से भाग निकले थे हालांकि बाद में पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। इस मामले की देश भर में निंदा हुई।

‘मिर्जापुर’ सीरीज देखकर आया हत्या का आइडिया

आरोपी तौसीफ ने पुलिस हिरासत में कुबूला कि उसने वेबसीरीज 'मिर्जापुर' देखने के बाद निकिता को मारने का प्लान बनाया था। इस सीरीज में मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) भी एकतरफा प्यार में एक लड़की स्वीटी (श्रेया पिलगांवकर) को गोली मार देता है जिसके बाद उसकी मौत हो जाती है।

बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना

तौसीफ की ये बातें सुनकर कंगना मिर्जापुर के मेकर्स पर भड़क गई हैं और बॉलीवुड को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने ट्विटर पर एक न्यूज आर्टिकल का लिंक शेयर किया जिसमें लिखा था, तौसीफ ने मिर्जापुर वेबसीरीज देखने के बाद निकिता की हत्या कर दी थी।

कंगना ने लिखा, यही होता है जब आप अपराधियों का महिमामंडन करते हैं। जब निगेटिव और डार्क किरदारों को अच्छा दिखने वाले युवा निभाते हैं तो उन्हें एंटी-हीरो दिखाया जाता है लेकिन विलेन के रूप में पेश नहीं किया जाता। बॉलीवुड को शर्म आनी चाहिए कि वो भलाई से ज्यादा नुकसान करता आया है।

गौरतलब है कि ‘मिर्जापुर’ सीरीज का निर्माण फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने अपने प्रोडक्शन बैनर एक्सेल एंटरटेनमेंट के तहत किया है। 23 अक्टूबर को मिर्जापुर का दूसरा सीजन ‘मिर्जापुर 2’ ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुआ है। इसमें पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अली फजल, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाया है।



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Nikita Tomar murder accused was inspired by Munna from 'Mirzapur' web series,kangna ranaut reacts


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राहुल के विवादित बयान पर सलमान खान का फूंटा गुस्सा-"तुम्हारा बेटा भी सिंगिंग प्रोफेशन आएगा तो क्या तब इसे नेपोटिज्म कहोगे?"

बिग बॉस 14 के इस हफ्ते के नॉमिनेशन स्पेशल एपिसोड में राहुल वैद्य ने जान कुमार सानू को ये कहकर नॉमिनेट किया कि वे नेपोटिज्म के प्रोडक्ट हैं। उन्हें शो में इसीलिए मौका दिया गया क्योंकि वो सिंगर कुमार सानू के बेटे हैं। हालांकि राहुल की ये बात घर में मौजूद दूसरे कंटेस्टेंट्स को भी पसंद नहीं आई। और सबने उनका जमकर विरोध किया।

राहुल वैद्य से हुई बहस में जान ने यह स्पष्ट किया कि उनके माता-पिता बचपन में ही अलग हो गए थे और उनकी परवरिश उनकी मां ने की थी, इसलिए नेपोटिज्म का कोई सवाल ही नहीं था। इस हफ्ते के 'वीकेंड का वार' के एपिसोड में होस्ट सलमान नेपोटिज्म के इस टॉपिक पर टिप्पणी की सलमान ने इस बयान पर सवाल उठाए और साथ ही उन्हें गलत भी ठहराया। बातचीत के दौरान सलमान ने राहुल को बताया की उन्हें इस तरह के शब्द घर में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

आगे सलमान राहुल को समझाते हैं कि अगर कोई पैरेंट अपने बच्चों के लिए कुछ करता है तो उसे नेपोटिज्म नहीं कहा जा सकता। वे आगे कहते हैं कि अगर नेपोटिज्म के कारण जान गायक बन गया होता तो वह राहुल से अधिक सफल होता। यदि आगे चलकर राहुल का बेटा सिंगिंग प्रोफेशन में आगे बढ़ने का फैसला करता है, तो क्या तब भी इसे नेपोटिज्म कहोगे?

राहुल के इस नेपोटिज्म वाले बयान से सलमान ने उनपर नाराजगी जताई और साथ ही उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि ये अनफेयर हैं। कोई भी इस इंडस्ट्री में अपने बच्चों पर कुछ फोर्स नहीं कर सकता। इसके अलावा सलमान ने जैस्मिन भसीन को भी वुमेन कार्ड खेलने पर समझाइश दी। रुबीना ने राहुल और जैस्मिन की लड़ाई में समझाने की बजाय जैस्मिन को गलत तरीके से भड़काया था जिसके लिए उन्हें भी जमकर डांट पड़ी।

विवादों में श्वेता तिवारी:पति अभिनव ने श्वेता पर लगाए गंभीर आरोप-"कस्टडी के लिए डॉक्टर के खिलाफ जाकर 4 साल के बच्चे को कराती है स्तनपान, फर्जी हस्ताक्षर भी किए"



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bigg boss 14: Salman Khan' bashed on Rahul's disputed statement - "If your son also comes to singing profession, will you call it nepotism?"


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पैदल 15 किमी. का जंगल पार कर पढ़ने जाती हैं लड़कियां, सोनू सूद का ऐलान- हर लड़की तक साइकिल पहुंच रही है

लॉकडाउन में हजारों प्रवासी मजदूरों के लिए बसों का अरेंजमेंट करने वाले सोनू सूद अब लड़कियों को साइकिल बांटने जा रहे हैं। दरअसल, संतोष चौहान नाम के एक ट्विटर यूजर ने सोनू का ध्यान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिले की ऐसी हजारों लड़कियों की ओर केंद्रित किया, जिन्हें 5वीं कक्षा के बाद मजबूरन पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। क्योंकि लड़कियों को आगे की पढ़ाई के लिए पैदल 8-15 किमी. का जंगल पार कर जाना होता है, जो काफी असुरक्षित है। ट्वीट देखने के बाद सोनू ने बिना देरी किए आश्वासन दिया कि वे गांव की हर लड़की तक साइकिल पहुंचा रहे हैं।

संतोष चौहान का ट्वीट और सोनू सूद का रिप्लाई

सोनू की मदद से बच्ची की जान बची

शनिवार सुबह पीटर फर्नांडीज नाम के ट्विटर यूजर ने एक बच्ची की फोटो साझा कर सोनू सूद को बताया था कि उनकी मदद से बच्ची एक दम ठीक हो गई है। जवाब में सोनू ने लिखा था कि बच्ची की मुस्कान ने उनके दिन की शुरुआत कमाल की कर दी।

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दरअसल, मुंबई की रहने वाली 10 साल की इस बच्ची की रीढ़ की हड्डी में क्रैक था और गरीब परिवार की होने की वजह से उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। जब सोनू को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने आर्थिक मदद पहुंचा दी। 28 अक्टूबर को बच्ची की सर्जरी हुई थी।

सोनू का संदेश- दिवाली पर किसी का चूल्हा जलाओ

एक ट्विटर यूजर ने सोनू सूद को भैया कहते हुए उनसे पटाखे की मांग की। जवाब में अभिनेता ने निवेदन करते हुए लिखा, "इस बार सब दिवाली पटाखे जलाकर नहीं, किसी का चूल्हा जलाकर बनाओ।"

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मसीहा पर उठे सवाल:यूजर ने सोनू सूद की मदद को बताया पीआर स्टंट, सुबूत शेयर कर सोनू बोले- ये इरादों की बात है, लेकिन तुम नहीं समझोगे

बायोपिक पर राय:सोनू सूद अपनी बायोपिक में खुद ही निभाना चाहते हैं अपना रोल, सोनू ने कहा- लेकिन अभी बहुत जल्दबाजी होगी



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Sonu Sood to give cycle to girls from the entire village, who walks 15 km for education


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टेंशन में खड़े पाकिस्तानी पीएम इमरान और विदेश मंत्री शाह की फोटो अभिनंदन की रिहाई वाली रात की है? जानें सच

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक मीम वायरल हो रहा है। फोटो में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद खड़े दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये फोटो उस रात की है, जब विंग कमांडर अभिनंदन की पाकिस्तान से रिहाई हुई थी।

विंग कमांडर अभिनंदन को पिछले साल फरवरी में एयर स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था। फिर अभिनंदन रिहा भी हो गए थे। डेढ़ साल पुराने मामले को लेकर 2 दिन पहले पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में नया खुलासा हुआ है।

असेंबली में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (PML-N) के नेता अयाज सादिक ने खुलासा करते हुए बताया कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक अहम मीटिंग में अभिनंदन को रिहा न करने पर भारत की तरफ से रात 9 बजे हमले की आशंका जताई थी। टेंशन में दिख रहे पाकिस्तान के पीएम और विदेश मंत्री की फोटो को इसी खुलासे से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

और सच क्या है ?

  • वायरल फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें पाकिस्तान की न्यूज एजेंसी के 3 साल पुराने ट्वीट में भी यही फोटो मिली। मतलब साफ है कि फोटो का अभिनंदन की रिहाई वाली डेढ़ साल पुरानी घटना से कोई संबंध नहीं है। इस ट्वीट से पता चलता है कि फोटो शाह महमूद कुरैशी के बेटे के विवाह समारोह की है।
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  • ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ 18 अगस्त, 2018 को ली थी। जबकि वायरल फोटो 2017 की है। यानी जिस समय की फोटो है, तब इमरान पाकिस्तान के पीएम भी नहीं थे। साफ है कि सोशल मीडिया पर फोटो गलत दावे के साथ शेयर की जा रही है।
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Fact Check: Photo of Pakistani PM Imran and Foreign Minister Shah standing in tension on the night of the release of Abhinandan? Know the truth


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DSP मां ने 68 साल की उम्र में पास की LLB की परीक्षा, अहाना कुमरा ने कहा-मुझे आप पर गर्व है वकील साहिबा

बॉलीवुड अभिनेत्री अहाना कुमरा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि उनकी मां ने 68 साल की उम्र में वकील की डिग्री हासिल की है।

अहाना ने इसकी जानकारी देते हुए ट्विटर पर लिखा, 40 साल तक पुलिस डिपार्टमेंट और सीबीआई को अपनी सेवाएं देने के बाद, डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मिसेज. सुरेश बाल्यान कुमरा को 90% एडीआर के साथ एलएलबी पास करने के लिए ढेरों शुभकामनाएं। 68 साल की उम्र में आपके वकील बनने पर मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं! वकील साहिबा।

अहाना की इस पोस्ट पर सेलेब्स ने भी कमेंट किए। दीया मिर्जा ने लिखा, ''क्या बात है''। तापसी पन्नू ने लिखा-''बेहद इंस्पायरिंग''।

‘युद्ध’ में बनी थीं बिग बी की बेटी

अहाना के एक्टिंग करियर की बात करें तो उन्होंने 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का', 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' जैसी फिल्मों में काम किया है। 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में वह प्रियंका गांधी का रोल निभाती दिखी थीं। इसके अलावा वह 2013 में आए सीरियल 'युद्ध' में अमिताभ बच्चन की बेटी का रोल निभाकर चर्चा में आई थीं। अहाना पिछली बार वेब सीरीज 'बेताल' में दिखी थीं। अब ‘शमशेरा’ उनकी अगली फिल्म है जो 2022 तक रिलीज होने की संभावना है।

लखनऊ में हुई परवरिश

अहाना का जन्म और परवरिश लखनऊ में हुई है। उन्हें बचपन से ही एक्टिंग का शौक था जिसके बाद वह थिएटर की तरफ मुड़ीं। व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एक्टिंग से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने विज्ञापनों और शॉर्ट फिल्मों से अपने सफर की शुरुआत की। इसके बाद 35 साल की अहाना कुमरा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉलीवुड में नाम कमाया।

अहाना के परिवार की बात करें तो मां के अलावा उनकी फैमिली में पिता सुशील कुमरा हैं जो कि ल्यूपिन लिमिटेड में पूर्व वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। अहाना की एक छोटी बहन भी है जिसका नाम शिवानी कुमरा है और वह इंटरनेशनल फ्लेवर्स एंड फ्राग्रेंस में की-अकाउंट्स मैनेजर है। इसके अलावा छोटे भाई करण कुमरा अभी पढ़ाई कर रहे हैं।



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Aahana Kumra's mom scores 90% in her LLB exam at the age of 68


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'काला चश्मा' के सिंगर इनदीप ने खुद को घर में बंद किया, अमन बैसला खुदकुशी केस के चलते मुसीबत में

'सैटरडे सैटरडे' और 'काला चश्मा' जैसे गानों के सिंगर इनदीप बख्शी ने इन दिनों दिल्ली स्थित अपने घर में बंद रहने के लिए मजबूर हैं। म्यूजिक वीडियो 'राज' के लिए सुमित गोस्वामी के साथ कोलेबोरेशन के बाद उन्हें लगातार मौत की धमकी मिल रही थी। दरअसल, सुमित पर बिजनेसमैन अमन बैसला को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है और वे फिलहाल जेल में हैं। बैसला ने मरने से पहले सुमित पर उनके पैसे वापस न करने का आरोप लगाया था।

बख्शी को लगातार मिल रही धमकी

स्पॉटबॉय की रिपोर्ट के मुताबिक, जब से सुमित गोस्वामी के साथ इनदीप बख्शी का गीत 'राज' सामने आया है, तभी से लोग बख्शी और और उनकी फैमिली को सोशल मीडिया पर धमकी दे रहे हैं। लोगों के इस व्यवहार से वे काफी डिस्टर्ब हैं।

न्यूज पोर्टल से बातचीत में बख्शी ने कहा, "मैं आर्टिस्ट और प्रोड्यूसर हूं। मैं यह कैसे जान सकता हूं कि पर्सनल लाइफ में कौन कैसा है? क्योंकि मैं उस इंसान से प्रोफेशनली ही जुड़ा था, वह भी कंपनी के जरिए गीत की शूटिंग के लिए। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं भी उसके गुनाह में शामिल हूं। कंपनी के लिए विवाद सही है। यह उनकी दिक्कत है। मैंने उनसे भी बात की है।"

नवंबर में आने वाला था गीत

इनदीप ने आगे कहा, "पहले यह गाना नवंबर में आने वाला था। फिर वीडियो वायरल हो गया, जिसमें मृतक अपनी मौत के लिए गोस्वामी को जिम्मेदार ठहराते दिखाई दे रहा है। हमारा ट्रैक दो महीने पहले शूट हो चुका था और अक्टूबर में यह सामने आ गया।"

जहां जाते हैं, वहां डर लगता है

बख्शी ने बताया कि वे जहां भी जाते हैं, वहां उन्हें अपनी जिंदगी को लेकर डर लगता है। वे यह पता नहीं लगा सकते कि कौन उनके फैन हैं और कौन उन्हें मारने के लिए हमला करने वाला है? उनके मुताबिक, हाल ही में उन्होंने अपने पिता को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए पोस्ट लिखी तो लोगों ने 'मार देंगे' जैसे कमेंट कर उन्हें धमकी दी।

'आप चाहें तो मैं सिंगिंग बंद कर दूंगा'

इनदीप के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनकी कार के बोनट पर 'पंगा क्यों लिया?' लिखा। उनकी कार के शीशे भी तोड़ दिए गए। वे कहते हैं, "मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मैंने सिर्फ रैप लिखा है। धमकी के चलते आधे से ज्यादा आर्टिस्ट्स मेरे साथ काम करने में डर रहे हैं। मेरी मां पूरे दिन रोती रहती है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं? अगर आप चाहते हैं तो मैं सिंगिंग भी बंद कर सकता हूं। मेरे लिए मेरा परिवार ही सबकुछ है।"

'बिग बॉस 14' हाथ से निकल गया

इनदीप बख्शी के मुताबिक, वे रियलिटी शो 'बिग बॉस 14' में हिस्सा लेने वाले थे। लेकिन विवाद के चलते उनके हाथ से यह मौका निकल गया। फिलहाल, वे अपने घर में ही बंद हैं।



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Aman Baisla Controversy: Kala Chashma singer Indeep Bakshi Locks Himself up After Sumit Goswami Gets Accused in Suicide Case


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अपने दोनों डॉग्स की मौत से दुखी सलमान ने नहीं लिया था ब्रेक, बिना सोए लगातार की थी 48 घंटे तक शूटिंग

सलमान खान,अजय देवगन और असिन स्टारर लंदन ड्रीम्स को रिलीज हुए 11 साल पूरे हो गए हैं। फिल्म 30 अक्टूबर 2009 को रिलीज हुई थी। इस मौके पर फिल्म के डायरेक्टर विपुल अमृतलाल शाह ने फिल्म से जुड़े कुछ किस्से शेयर किए हैं। एक वेबसाइट से बातचीत में विपुल ने बताया कि कैसे अपने डॉग्स मायसन और मायजान की मृत्यु के बाद सलमान ने फिल्म के अहम सीन्स की शूटिंग की थी।

दुखी सलमान ने जारी रखी शूटिंग

विपुल ने कहा, ‘शेड्यूल के मुताबिक, फिल्म के म्यूजिकल कॉन्सर्ट की शूटिंग की जानी थी लेकिन तभी सलमान के दोनों का निधन हो गए। सलमान दोनों से बेहद प्यार करते थे लेकिन उन्होंने शूटिंग जारी रखी। सलमान ने पैक अप के बाद भी सुबह सात बजे तक शूटिंग की, फिर वो कर्जत से मुंबई गए, अपने डॉग्स की डेड बॉडी को पनवेल वाल फार्महाउस ले जाकर उनका अंतिम संस्कार किया और शाम को 4 बजे दोबारा सेट पर आकर शूटिंग करने लगे।’

सलमान जानते थे कि हमने कॉन्सर्ट वाले सीन्स पर काफी पैसा खर्च किया है इसलिए उन्होंने नुकसान से सबको बचाने के लिए अपने पर्सनल लॉस को अलग रखा और शूटिंग से ब्रेक नहीं लिया। उन्होंने लगातार 48 घंटे तक बिना सोए शूटिंग की।

नहीं देखा सुपरस्टार्स का क्लैश

इंटरव्यू के दौरान विपुल ने यह भी बताया कि उन्हें कहा गया था कि दो सुपरस्टार्स के साथ काम ना करें क्योंकि इससे ईगो क्लैश की संभावना पैदा होती है। फिल्म में सलमान खान के अलावा अजय देवगन भी मुख्य भूमिका में थे। हालांकि, विपुल को ऐसा अनुभव देखने को नहीं मिला।

उन्होंने कहा, ‘मैं सरप्राइज था क्योंकि शूट पिकनिक की तरह थी। मुझे नहीं लगता कि मैं लंदन ड्रीम्स के सेट पर जितना हंसा हूं, उतना किसी फिल्म के सेट पर हंसा होऊंगा। एक तरफ सलमान हमेशा जोक्स मारते रहते थे तो वहीं, अजय भी सेट पर प्रैंक्स करते रहते थे। दोनों सुपरस्टार्स के साथ काम करना मेरे लिए हमेशा स्पेशल रहेगा क्योंकि इन्होंने मुझे सेट पर घर जैसा फील कराया।’ फिल्म से आदित्य रॉय कपूर ने भी अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म बॉक्सऑफिस पर सफल नहीं हो पाई थी।



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Salman Khan continues London Dreams shot ‘non-stop without sleeping for 48 hours’


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कंगना ने कहा- सरदार पटेल प्रधानमंत्री नहीं बने, क्योंकि गांधीजी नेहरू जैसा कमजोर दिमाग चाहते थे

लौहपुरुष के नाम से मशहूर सरदार वल्लभभाई पटेल की 145वीं जयंती पर कंगना रनोट ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू पर जमकर निशाना साधा। कंगना ने सरदार पटेल के समझौतों के लिए गांधीजी को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही पटेल द्वारा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के पद से समझौते पर खेद जताया। कंगना के तीन ट्वीट...

पहला ट्वीट- गांधीजी की वजह से नहीं बने प्रधानमंत्री

कंगना ने पहले ट्वीट में लिखा है, "उन्होंने गांधीजी की खुशी के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में सबसे योग्य और निर्वाचित पद ठुकरा दिया, क्योंकि उन्हें (गांधीजी) को लगता था कि नेहरू बेहतर अंग्रेजी बोलते हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन देश ने दशकों का इसका परिणाम झेला। हमारे लिए जो सही है, उसे हमें बेशर्मी से छीनना चाहिए।"

दूसरा ट्वीट- गांधीजी कमजोर दिमाग चाहते थे

कंगना ने अगले ट्वीट में सरदार पटेल को भारत का असली लौहपुरुष बताते हुए लिखा है, "मेरा मानना है कि गांधी जी नेहरू की तरह एक कमजोर दिमाग चाहते थे, ताकि वे खुद को सामने रखकर देश को कंट्रोल कर सकें और इसे चला सकें। प्लान अच्छा था। लेकिन गांधीजी की हत्या के बाद जो हुआ, वह डिजास्टर था।"

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तीसरा ट्वीट- आपके फैसले का गहरा अफसोस है

अगले ट्वीट में कंगना ने लिखा है, "भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। आप वो इंसान हैं, जिसने हमें आज का अखंड भारत दिया। लेकिनप्रधानमंत्री पद से समझौता कर आप अपना महान नेतृत्व और विजन हमसे दूर ले गए। हमें आपके फैसले का गहरा अफसोस है।"

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कंगना रनोट का गुस्सा:कंगना रनोट ने मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री को बताया खून का प्यासा, लेकिन अपने ट्वीट में दो भूल कर गई एक्ट्रेस

कंगना vs BMC:पैरवी के लिए BMC ने वकील को 82 लाख दिए, कंगना बोलीं- पापा के पप्पू ने जनता के पैसे खर्च किए

मालवी के लिए कंगना ने उठाई आवाज:चाकूबाजी में घायल मालवी के समर्थन में उतरीं कंगना, बोलीं-छोटे शहर से आए स्ट्रगलर्स के साथ यही होता है



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Kangana Ranaut Targeted Mahatma Gandhi And Pandit Jawaharlal Nehru On Sardar Vallabhbhai Patel 145th Birth Anniversary


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ट्रम्प बोले- कोरोना से हो रही मौतों से डॉक्टरों को फायदा हो रहा है, मैं व्हाइट हाउस में ही रहूंगा

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ चंद दिन बाकी हैं। इस बीच देश में कोरोनावायरस के मामले भी रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब भी बेफिक्र नजर आते हैं। इतना ही नहीं, अब तो वे डॉक्टरों पर भी आरोप लगाने लगे हैं। मिशिगन की एक रैली में ट्रम्प ने कहा कि कोरोनावायरस से हो रही मौतों से डॉक्टरों को फायदा हो रहा है। ट्रम्प ने भी भरोसा जताया कि वे ही व्हाइट हाउस में रहेंगे।

न्यूज एंकर का भी मजाक उड़ाया
मिशिगन की रैली में फॉक्स न्यूज की होस्ट लाउरा इन्ग्राम भी मौजूद थीं। वे मास्क लगाए हुए थीं। ट्रम्प ने उनकी ओर देखकर कहा- आप सियासी तौर पर तो बिल्कुल सही काम कर रही हैं। ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक राज्यों की सरकारों वाले राज्यों और उनके गवर्नर्स पर भी तंज कसा। कहा- आप लोगों को डरा रहे हैं। जहां देखिए सिर्फ लॉकडाउन और प्रतिबंधों की बात हो रही है। क्या ऐसे ही हम इस महामारी का मुकाबला करेंगे। देश और लोगों को घरों में कैद होने से क्या महामारी खत्म हो जाएगी। इसका मुकाबला करना होगा। खास बात यह है कि ट्रम्प की इस रैली में शामिल हजारों लोगों में से ज्यादा बिना मास्क के नजर आए।

ट्रम्प और उनके सहयोगियों ने भी मास्क नहीं लगाया। न ही इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। हालांकि, पहली बार किसी रैली में ट्रम्प ग्लव्ज पहने नजर आए।

बाइडेन ने ट्रम्प पर निशाना साधा
ट्रम्प मिशिगन में थे तो डेमोक्रेट कैंडिडेट बाइडेन मिनेसोटा पहुंचे। कहा- कोरोनावायरस के सामने ट्रम्प हथियार डाल चुके हैं। वे अब कोरोना से हो रही मौतों के लिए हमारे हेल्थ वर्कर्स को दोषी ठहरा रहे हैं। वे यह क्यों नहीं मान लेते कि उनकी एडमिनिस्ट्रेशन ने महामारी के हालात को बेहतर तरीके से नहीं संभाला। आप डॉक्टर्स और नर्स को कैसे कसूरवार ठहरा सकते हैं। वे रोज अस्पतालों और मेडिकल केयर सेंटर्स जाते हैं। अपनी जिंदगी खतरे में डालते हैं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।



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Donald Trump said doctors were profiteering from coronavirus deaths; Here's New York Times (NYT) Opinion On US Election 2020


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फ्रांस में एक दिन में 49 और इटली में 31 हजार केस, बेल्जियम में सोमवार से कर्फ्यू लगेगा

दुनिया में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 4.58 करोड़ से ज्यादा हो गया है। 3 करोड़ 32 लाख 37 हजार 845 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 11.93 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। यूरोपीय देश संक्रमण की दूसरी लहर से सहम गए हैं। फ्रांस में शुक्रवार को फिर एक दिन में करीब 50 हजार मामले सामने आए। इटली में संक्रमण की दूसरी लहर भी जानलेवा साबित हो रही है। यहां 24 घंटे में 31 हजार मामले सामने आए। बेल्जियम सरकार ने दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। उसने कहा है कि सोमवार से लॉकडाउन लगाया जाएगा।

फ्रांस में मुश्किल जारी
फ्रांस में सरकार ने लॉकडाउन लगाया। इसके बावजूद यहां संक्रमण कम होता नजर नहीं आता। हालांकि, हेल्थ मिनिस्ट्री ने उम्मीद जाहिर की है कि इसे जल्द काबू में लाया जा सकेगा। लॉकडाउन और प्रतिबंधों का असर अगले कुछ दिनों में देखने मिल सकता है। फ्रांस में शुक्रवार को 49,215 नए केस दर्ज किए गए। इसी दौरान 256 संक्रमितों की मौत हो गई। अब तक यहां कुल 36 हजार 565 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मामले 13 लाख 31 हजार 984 हैं।

पेरिस के एक हॉस्पिटल में मरीज को वॉर्ड में शिफ्ट करने ले जाता स्टाफ। फ्रांस में एक महीने का लॉकडाउन लगाया गया है। हालांकि, फिलहाल यहां संक्रमण कम नहीं हुआ है।

इटली में दूसरी लहर
इटली सरकार ने एक बयान जारी कर माना है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है और अब यह घातक साबित होने लगी है। शुक्रवार को यहां कुल 31 हजार 84 मामले सामने आए। इसके पहले यानी गुरुवार को यह संख्या 27 हजार थी। यानी एक दिन में 4 हजार मामले बढ़ गए। मरने वालों का आंकड़ा भी सीधे 200 पर पहुंच गया। देश में 1765 मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है।

बेल्जियम में कर्फ्यू
तमाम विरोध के बावजूद बेल्जियम सरकार ने साफ कर दिया है कि वो झुकने वाली नहीं है और सोमवार से देश में नेशनल लॉकडाउन से भी सख्त कर्फ्यू लगाया जाएगा। किसी भी घर में एक से ज्यादा मेहमान नहीं जा सकेगा और इसकी भी जानकारी हेल्थ अथॉरिटी को देनी पड़ेगी। स्कूलों में परीक्षाएं 15 नवंबर तक टाल दी गई हैं। वर्क फ्रॉम होम ही किया जा सकेगा। सरकारी अधिकारियों और स्टाफ को ऑफिस आने की मंजूरी दी जाएगी। लेकिन, उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए।

इंग्लैंड में भी लॉकडाउन
बेल्जियम और दूसरे यूरोपीय देशों की तर्ज पर इंग्लैंड में भी लॉकडाउन की तैयारी हो चुकी है। ये अगले हफ्ते से लगाया जाएगा। हालांकि, इसका औपचारिक ऐलान बाद में किया जाएगा। खास बात ये है कि पीएम बोरिस जॉनसन की पार्टी के ही कुछ लोग विपक्ष के साथ इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जॉनसन ने अपने साइंस एडवाइजर की राय को ही तवज्जो दी है। यहां 24 घंटे में 274 नए मामले सामने आए जबकि 274 लोगों की मौत हो गई।

इंग्लैंड में सरकारी सूत्रों ने बताया है कि यहां जल्द ही लॉकडाउन लगाया जा सकता है। इसके संकेत मिलते ही यहां विरोध भी शुरू हो गया है। बर्मिंघम के एक पार्क में शुक्रवार को रैली हुई।

यूरोपीय देशों की कोशिश
यूरोपीय देशों में एक देश के मरीज दूसरे देश के अस्पतालों में शिफ्ट किए जा सकेंगे। इसके लिए स्पेशल फंड ट्रांसफर स्कीम भी लॉन्च की गई है। इसे बारे में यूरोपीय देशों ने एक समझौता किया है। फ्रांस और जर्मनी के अलावा स्पेन में भी नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसकी वजह से यहां सरकारें अलर्ट पर हैं। मरीजों को ट्रांसफर करना यूरोपीय देशों में मुश्किल भी नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर देश छोटे हैं और इनकी ओपन बॉर्डर हैं। सड़क के रास्ते भी आसानी से एक देश से दूसरे देश में जाया जा सकता है। ईयू कमिशन की हेड वॉन डेर लेन ने कहा- वायरस तेजी से बढ़ रहा है और इससे निपटने के लिए सहयोग जरूरी है। हमारी कोशिश है कि हेल्थ केयर सिस्टम पहले की तरह मजबूती से काम करता रहे।



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बेल्जियम सरकार ने साफ कर दिया है कि तमाम विरोध के बावजूद वो झुकने को तैयार नहीं है और देश में सोमवार से लॉकडाउन लगाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे कर्फ्यू कहा गया है। हालात से निपटने के लिए देश के ज्यादातर हिस्सों में पुलिस तैनात कर दी गई।


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यूएई में सड़कों से लेकर कारखानों तक बिहार चुनाव की चर्चा, यहां रह रहे बिहारी चाहते हैं राज्य में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बने

(शानीर एन सिद्दीकी) इस वक्त हम मौजूद हैं दुबई के यूपी एन बिहार रेस्त्रां में। यहां गेट पर खड़े युवक नीतीश और तेजस्वी की जीत-हार का हिसाब-किताब लगा रहे हैं। इसी तरह की चर्चाएं यूएई की सड़कों से लेकर कारखानों तक आम हैं।

एक अनुमान के मुताबिक, यहां बिहार के 5 लाख लोग काम करते हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर साल वर्क वीसा पर बिहार से 70 हजार लोग यहां आते हैं और ये लोग बिहार की इकोनॉमी में सालाना दो हजार करोड़ रुपए का योगदान देते हैं।

विदेश में रहने वालों का डेटा रखा जाए

दुबई में इंजीनियरिंग कंपनी सिवान टेक्निकल कॉन्ट्रैक्टिंग और यूपी एन बिहार रेस्त्रां के मालिक अनुज सिंह भी नई सरकार से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। वे बताते हैं कि उनकी नई सरकार से मांग है कि विदेशों में रह रहे लोगों का डेटा रखा जाए। इसके लिए नीतीश सरकार ने बिहार फाउंडेशन के तहत एक अच्छी शुरुआत की थी, पर यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं, आयल एंड गैस इंजीनियर नवीन चंद्रकला कुमार बताते हैं कि बिहार से आने वाले ब्लू कॉलर वर्कर की तीन सबसे बड़ी जरूरत सावधानी, सुरक्षा और सहायता है।

वे कहते हैं कि एक राज्य से हर साल लाखों लोग काम करने विदेश जाते हैं और राज्य में कोई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नहीं है। यदि राज्य का अपना एयरपोर्ट होगा तो प्रशासन नए जाने वाले वर्कर को सूचना दे सकता है कि विदेश में कोई समस्या आने पर किससे और कैसे संपर्क करे।

इस पर निगाह रखी जा सकती है कि जाने वाला सही वीसा पर जा रहा है या नहीं। किस एजेंट के जरिए जा रहा है, उसका भी रिकॉर्ड रख सकते हैं। एजेंटों के रजिस्ट्रेशन की एक व्यवस्था राज्य सरकार को तुरंत शुरू कर देनी चाहिए। इससे बहुत सारे फ्राॅड रोके जा सकते हैं। पटना एयरपोर्ट, दरभंगा एयरपोर्ट और गया एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की शुरुआत करनी चाहिए। इसमें राज्य सरकार के राजस्व, टैक्स और विदेशी मुद्रा के रूप में मदद भी होगी।

बिहार में राजनीति हमेशा मुद्दों से हटकर होती है

फुलवारी शरीफ के रहने वाले और फ्रेंच कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्यरत इरफानुल हक बताते हैं कि दुबई में बैठ कर हम सिर्फ अनुमान ही लगा सकते हैं कि इस बार चुनाव में क्या होने जा रहा है। पर बिहार में राजनीति हमेशा असल मुद्दों से हट कर होती है।

उम्मीद है कि नई सरकार शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं को तरजीह देगी। विकसित राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी नए उद्योगों के लिए फ्री जोन बनाएगी। राज्य में निवेश करने वाले बिहारी उद्योगपतियों को टैक्स में छूट, सुरक्षा की गारंटी, कारोबार में आसानी जैसी नीतियां लागू करेगी। नई सरकार निवेश के लिए नया मंत्रालय भी बना सकती है जो की विदेश में रह रहे अप्रवासी बिहारी समाज के साथ मिल कर काम कर सकता है।

हालांकि यहां रह रहे लोगों को चुनाव का हिस्सा न बन पाने का भी मलाल है। अनुज बताते हैं कि यहां चुनाव पर बहस और चर्चा का ऐसा माहौल बनता जा रहा है कि जैसे बिहार में ही बैठे हों। परिवार वालों से फोन और न्यूज चैनलों के जरिए लोग चुनाव की हर जानकारी जुटा रहे हैं। यदि सरकार और हाई कमीशन व्यवस्था करेगा तो वोटिंग के लिए लंबी कतारें दिखेंगी।



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एजेंटों का धोखा और वीसा फ्रॉड यह मजदूर और टेक्निकल वर्ग की मुख्य समस्या रही है। लोग चाहते हैं कि प्रवासी मजदूरों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष मंत्रालय बने और इनका डेटा रखा जाए।
Discussion of Bihar elections from roads to factories in UAE, Bihari living here wants international airport in the state


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ट्रम्प के दौर में अमेरिका ने अपना सम्मान खो दिया, उनकी फैमिली सेपरेशन पॉलिसी बहुत क्रूर रही

ये कैटलॉग तैयार करना भी बेहद मुश्किल काम है कि डोनाल्ड ट्रम्प के चार साल राष्ट्रपति रहने के दौरान हमने क्या-क्या गंवाया। जब मैं इन बातों को लिख रहा हूं तब तक कोरोनावायरस के चलते 2 लाख 25 हजार अमेरिकी नागरिक मौत का शिकार बन चुके हैं। महीनों से हमारे यानी अमेरिकी बच्चे स्कूल नहीं गए हैं। बहुत जल्द देश का बड़ा हिस्सा थैंक्सगिविंग भी सेलिब्रेट नहीं कर पाएगा।

बच्चों को परिवार से जुदा कर दिया
ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने क्रूर फैमिली सेपरेशन पॉलिसी बनाई। बहुत मुमकिन है कि इसका शिकार बने 545 बच्चे अब कभी अपने पैरेंट्स से न मिल पाएं। अग्रणी लोकतंत्र के तौर पर अमेरिका अपना रुतबा और सम्मान खो चुका है। हमने सुप्रीम कोर्ट की जज रूथ बेंदर गिन्सबर्ग को खोया। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद यह पहला मौका जब इतने अमेरिकियों ने नौकरियां गंवाईं। इनके साथ उन सांस्कृतिक घटनाओं को हुआ नुकसान भी जोड़ लीजिए, जो ट्रम्प के दौर में हुआ।

पिछले चार साल का अनुभव
जब मैं पिछले चार साल अपनी तरह से देखता हूं तो उसमें ऐसा लगता है कि जैसे इस प्रेसिडेंट का दौर किसी ब्लैकहोल की तरह रहा। अपनी तरह के और अलग नुकसान हुए। हर वक्त यह महसूस हुआ कि ट्रम्प अपनी तरह की बातें गढ़ते हैं और तारीफ किसी और चीज की करते हैं। मुझे लगता है कि पिछले चार साल में काफी बेहतर हुआ होगा। लेकिन, इसमें से ज्यादातर का फायदा मुझे नहीं हुआ। क्योंकि, मैं अपने फोन में ही बिजी रहा। ये उस आदमी के साथ होता है जो पॉलिटिक्स में जिंदगी खोजता रहा। ऐसा मैं अकेला नहीं हूं।

कई किताबें लिखी गईं
इस दौर में कई किताबें लिखी गईं। ट्रम्प पर उनके दौर का जिक्र करते हुए। पुलित्जर प्राइज विनर आलोचक कार्लोस लोजदा कहते हैं- ट्रम्प के दौर में कई राजनीतिक किताबें लिखी गईं। मैंने भी इनमें से कई किताबें पढ़ीं और उनकी तारीफ भी की। 2015 के बाद से फिक्शन पर नॉन फिक्शन भारी हो गया। यह बदलाव ट्रम्प के सत्ता में आने से पहले ही नजर आने लगा था। लेकिन, चार साल में तो यह चरम पर पहुंच गया। एनपीडी की क्रिस्टीन मैक्लीन कहती हैं- ट्रम्प ने हमारे दिमाग में जगह बना ली और वहां इतनी भीड़ है कि हम कुछ और सोच नहीं पाते।

फिक्शन पर जोर
एक लेखक पूछते हैं- यह सब क्या चल रहा है और कब खत्म होगा। यह तो उससे बहुत अलग है जिसकी हम बतौर अमेरिकी कल्पना करते आए हैं। हम दुनिया में रहना चाहते हैं लेकिन अब यह सोच जैसे सस्पेंड हो रही है। ट्रम्प के पहले मैंने कभी नहीं सोचा कि जिंदगी का यह हिस्सा फास्ट फॉरवर्ड हो और गुजर जाए। इस दौर में टीवी ड्रामा ही बेहतर हैं क्योंकि सच्चाई बहुत जहरीली होती जा रही है। तब बहुत अच्छा लगता जब आर्ट और पॉलिटिक्स में सामंजस्य हो। लेकिन, जब सियासित आपको चेतावनी देने लगे तो संस्कृति भी मुश्किल में दिखाई देने लगती है। इस दौर में आर्ट तबाह हुआ। इसके लिए ट्रम्प जिम्मेदार हैं।

संस्कृति का दम घुट रहा है
चाहे दक्षिणपंथी हों या वामपंथी। ये मिले हुए हैं और इस दौर में सांस्कृतिक तौर पर दम घुट रहा है। परंपरावादी डेमोक्रेट्स का मजाक उड़ाते हैं और वे ट्रम्प के साथ हैं। यह ठीक वैसे ही है जैसे किसी के घर में आग लगाकर हम हंसने लगें। उसके जख्मों पर नमक छिड़कें। ट्रम्प के दौर में क्रिएटिविटी के लिए जगह नहीं बची। इसके लिए राष्ट्रपति जिम्मेदार हैं, वे लोग नहीं जिन्होंने इसका खामियाजा भुगता।

रोशनी की गुंजाइश नहीं छोड़ी
ट्रम्प का दौर कला यानी आर्ट के लिए अच्छा नहीं रहा। यह कल्पना के लिए भी खराब वक्त था। लोगों को अब आगे आना होगा। इस परेशानी से बाहर निकलने की कोशिश करनी होगी। इसके लिए ज्यादा ताकत और ऊर्जा लगानी होगी। ट्रम्प ने रोशनी को रोका है। जब वो चले जाएंगे तब हम देख पाएंगे कि हमने कितना और क्या खोया है।



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Donald Trump Four Wasted Years of Americans; Here's New York Times (NYT) Opinion On US Election 2020


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मुकेश खन्ना ने कहा- जब औरतों ने बाहर काम करना शुरू किया, तब से मी-टू की प्रॉब्लम शुरू हुई

शक्तिमान कैरेक्टर निभाकर देश-दुनिया में मशहूर हुए एक्टर मुकेश खन्ना ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने मी-टू अभियान पर कहा कि ये समस्या औरतों के बाहर काम करने से शुरू हुई है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाएं मर्दों की बराबरी करना चाहती हैं और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती हैं।

मुकेश खन्ना बोले- औरत की रचना अलग, मर्द की अलग
द फिल्मी चर्चा को दिए एक इंटरव्यू में मुकेश खन्ना ने कहा- औरत की रचना अलग होती है और मर्द की अलग होती है। औरत का काम होता है घर संभालना, जो माफ करना मैं कभी-कभी भूल जाता हूं। प्रॉब्लम कहां से शुरू हुई है मी-टू की जब औरतों ने भी काम करना शुरू कर दिया। आज औरत मर्द के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बात करती हैं।

लक्ष्मी बॉम्ब नाम पर नाराज हो गए थे मुकेश खन्ना
हाल ही में मुकेश खन्ना फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब के मेकर्स पर खफा हो गए थे। उन्हें इस फिल्म के नाम को लेकर समस्या थी। खन्ना ने तब कहा था- लक्ष्मी बॉम्ब टाइटल पर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है। मुझसे पूछो तो फिल्म बैन जायज नहीं है। क्योंकि अभी सिर्फ ट्रेलर देखा है फिल्म अभी बाकी है। लक्ष्मी के आगे बॉम्ब जोड़ना शरारत से भरा लगता है। क्या आप अल्लाह बॉम्ब या बदमाश जीसस फिल्म का नाम रख सकते हैं। नहीं न, तो फिर लक्ष्मी बॉम्ब कैसे।



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Mukesh Khanna said - When women started working outside, the problem of Me Too started


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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020

तुर्की में 7 तीव्रता का भूकंप, कई इमारतें गिरीं; 4 लोगों की मौत और 120 घायल

तुर्की और ग्रीस में शुक्रवार शाम भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7 मापी गई है। तुर्की में ज्यादा नुकसान की खबर है। यहां 4 लोगों की जान गई और 120 लोग घायल हो गए हैं। यहां कई इमारतें भी जमींदोज हो गईं। ग्रीस में झटकों के बाद लोग दहशत में घरों से बाहर आ गए।

तुर्की के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि केवल बाराकली जिले में कम से कम 10 इमारतें गिर गईं। स्थानीय मीडिया में चल रहे कई वीडियोज में गिरी हुई इमारतें दिखाई दे रही हैं। कई अपार्टमेंट की दीवारों में बड़ी दरारें भी आ गईं हैं।

दक्षिणी तुर्की में भूकंप से गिरी इमारत के मलबे से महिला को बचाते रेस्क्यू टीम के मेंबर।

बता दें कि तुर्की का इजमिर प्रांत एक्टिव फॉल्ट लाइन पर है। प्रमुख उत्तरी अनातोलियन फॉल्ट लाइन के कारण 1999 में इस्तांबुल के पास काफी शक्तिशाली भूकंप आया था। इसमें 17,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

सोशल मीडिया यूजर ने पोस्ट किया वीडियो

तुर्की के राष्ट्रपति बोले- मदद के लिए तैयार हूं

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने ट्वीट किया कि वे सरकार के पास उपलब्ध सभी साधनों के साथ लोगों की मदद करने के लिए तैयार हैं। वहीं, हेल्थ मिनिस्टर फहार्तीन कोका ने ट्विटर पर भूकंप से मौतों की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि इजमिर में लोग बचने के लिए घरों से भागकर सड़कों पर जमा हो गए। यहां कम से कम 20 इमारतें गिरी हैं।

अलग-अलग रही भूकंप की तीव्रता

  • तुर्की के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्रेसीडेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र एजियन सागर में 16.5 किलोमीटर गहराई पर था।
  • यूरोपियन-मेडिटेरियन सीसमोलॉजिकल सेंटर ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 6.9 थी। इसका केंद्र समोस के ग्रीक आइसलैंड से 13 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था।
  • यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7 थी।
सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें सामने आ रही हैं।


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स्थानीय मीडिया में चल रहे कई वीडियो में गिरी हुई इमारतें दिखाई दे रही हैं। कई अपार्टमेंट की दीवारों में बड़ी दरारें भी आ गईं हैं।


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सुशांत से मिलने अक्सर वाटरस्टोंस रिजॉर्ट में जाता था एक टॉप फिल्ममेकर, अब NCB करेगी उससे पूछताछ

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अब बॉलीवुड के एक टॉप फिल्ममेकर से पूछताछ करेगा। रिपोर्ट्स में नाम का खुलासा तो नहीं किया किया गया है। लेकिन कहा जा रहा है कि यह फिल्ममेकर तब सुशांत से अक्सर मिला करता था, जब वे मारोल, अंधेरी (ईस्ट) स्थित वाटरस्टोंस रिजॉर्ट में रह रहे थे। फिल्ममेकर सुशांत के सतत संपर्क में था।

हाल ही में रिजॉर्ट में छापेमारी हुई थी

कहा जा रहा है कि जांच एजेंसी ने हाल ही में वाटरस्टोंस रिजॉर्ट में छापेमारी की थी। इस दौरान उन्होंने वहां सुशांत से मिलने आने वालों की जानकारी भी इकट्ठा की। उन्हें बताया गया कि एक टॉप फिल्ममेकर अक्सर उनसे मिलने वहां जाता था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, NCB अब उन सभी लोगों की डिटेल खंगाल रही है, जो नवंबर 2019 से जून 2020 के बीच सुशांत से मिलने आते-जाते थे। खबरों की मानें तो इस फिल्ममेकर के अलावा और भी कई लोगों से आगे पूछताछ हो सकती है।

वाटरस्टोंस रिजॉर्ट में कब रुके थे सुशांत

अक्टूबर 2019 में सुशांत रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक के साथ यूरोप ट्रिप पर गए थे, जहां उनकी तबियत बिगड़ने लगी थी और वे इसे अधूरी छोड़कर ही भारत लौट आए थे। मुंबई आने के बाद सुशांत और रिया वाटरस्टोंस रिजॉर्ट में रुके थे।

वाटरस्टोंस से पहले कैपरी हाइट्स में रहते थे सुशांत

वाटरस्टोंस रिजॉर्ट में शिफ्ट होने से पहले सुशांत बांद्रा स्थित कैपरी हाइट्स में रह रहे थे। लेकिन कुछ डरावनी घटनाओं की वजह से असहज होकर उन्होंने यह जगह छोड़ दी थी। सुशांत का स्टाफ यह खुलासा कई मीडिया हाउस से बातचीत में कर चुका है। रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक का भी यही मानना है।

दिशा सालियान डेथ केस:सुशांत के दोस्त सुनील शुक्ला का दावा- मेरे पास वे डॉक्यूमेंट्स हैं जो साबित कर देंगे दिशा का मर्डर हुआ

सुशांत डेथ केस:रिया चक्रवर्ती ने बॉम्बे हाई कोर्ट से कहा सुशांत की बहनों ने FIR रद्द करने जो याचिका लगाई है उसे खारिज कर दें



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Sushant Singh Rajput Death Case: Narcotics Control Bureau might soon summon a top filmmaker who often met Sushant at the Waterstone Resort


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फिल्म के किरदारों से लेकर सिनेमैटोग्राफी तक, बेहतरीन बनी है बिजॉय नांबियार निर्देशित 'तैश'

कैसी है सीरीज की कहानी

लेखक-निर्देशक बिजॉय नांबियार ने मूलरूप से तैश नामक फीचर फिल्म बनाई है, जिसकी बेहतरीन एडिटिंग करके छह एपिसोड की वेब सीरीज तैयार की गई है। वेब सीरीज की कहानी का सार यह है कि बदले की भावना दो परिवारों को कैसे तहस-नहस कर देती है। लंदन की पृष्ठभूमि पर रची गई यह कहानी कालरा और कुलजिंदर परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों परिवार एक-दूसरे से बदला लेने का प्रयास करता है।

रोहन कालरा (जिम सरभ) के भाई कृष कालरा (अंकुर राठी) की शादी में जब कुलजिंदर (अभिमन्यु सिंह) आता है, तब उसे देखकर रोहन को अतीत की बात याद आती है और वह आग बबूला हो उठता है। रोहन के गुस्से का कारण जब उसका दोस्त सनी लालवानी (पुलकित सम्राट) पूछता है, तब वह अपने बचपन की दर्दनाक घटना के बारे में बताता है। इस पर सनी उससे कहता है कि जब वह 6 साल का था, तब उसकी बहन के साथ इसी इंसान ने दुष्कर्म किया था, लेकिन तब डर के मारे वह कुछ नहीं कर पाया था।

फिर तो सनी उसे जान से मारने की कोशिश करता है, पर वह बच जाता है। लेकिन उसकी आवाज और याददाश्त चली जाती है। यह बात जब कुलविंदर के भाई पाली (हर्षवर्धन राणे) को पता चलती है, तब वह इसका बदला लेने के लिए तड़प उठता है। इसके बाद कहानी बेहद रोमांचक मोड़ लेती है, जिसमें बदला, जुनून, मारधाड़ सब कुछ है, लेकिन यह वेब सीरीज देखने के बाद ही पता चलेगा कि कौन, कब, कैसे अपना बदला लेने में कामयाब होता है, कामयाब होता भी है या नहीं। लेकिन इतनी बात तो जरूर है कि हर किरदार अपने-अपने तैश में है।

फिल्म की एडिटिंग लाजवाब

सबसे पहले अभिनय की बात की जाए तो पुलकित सम्राट, जिम सरभ, हर्षवर्धन राणे, संजीदा शेख आदि ने अपने करैक्टर को बखूबी निभाया है। इन सब में हर्षवर्धन राणे ने तो अपने किरदार पाली में जान डाल दी है। रही बात लोकेशन की तो लंदन की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म स्विमिंग पूल से लेकर जेल, सड़क, पुलिस आदि को आकर्षक रूप में दर्शाया किया गया है। हां, इसकी एडिटिंग वाकई में लाजवाब है।

बेहतरीन है फिल्म की सिनेमैटोग्राफी

किसी-किसी सीन में गजब की सिनेमैटोग्राफी देखने को मिली है। एक सीन में जहां पर रोहन और सनी, दोनों बदला लेने कुलजिंदर के घर जाते हैं, तभी जेल से भागकर पाली घर आ पहुंचता है। उसे देखते हैं सनी, रोहन को पकड़कर छुपते-छुपाते घर से निकलता है, यह सीन तो सिनेमैटोग्राफी के लिहाज से खूब बन पड़ी है। हां, लगभग दर्जनभर स्टार्स को लेकर बुनी गई इस सीरीज में अगर कुछ कमी नजर आती है तो वह यह हैै कि कैमरा एक-दूसरे के ऊपर इतनी जल्दी शिफ्ट हो जाता है कि कहानी को समझ पाने और सीरीज को देखने का एंजॉय कम हो जाता है।



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film review: taish-From the film's characters to cinematography, Bijoy Nambiar directed film Taish getting audience attention


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फातिमा सना शेख बोलीं- 3 साल की थी जब मुझे मोलेस्ट किया गया, यह ऐसी लड़ाई है जिसे हम रोज लड़ते हैं

दंगल फेम एक्ट्रेस सना फातिमा शेख ने खुलासा किया है कि 3 साल की उम्र में उनका शोषण किया गया था। उन्होंने कहा कि ये ऐसी जंग है, जो हम लोग रोज लड़ते हैं। हर औरत और हर अल्पसंख्यक को ये लड़ाई लड़नी पड़ती है। इसके बावजूद मुझे लगता है कि हमारा भविष्य बेहतर है।

लोग कहते थे एक्ट्रेस नहीं बन सकती
फातिमा ने पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में कहा- मुझे कई बार कहा गया कि तुम कभी हीरोइन नहीं बन सकती। तुम दीपिका-ऐश्वर्या जैसी नहीं दिखती। तो कैसे हीरोइन बनोगी। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं, जो हौसला तोड़ते हैं। लेकिन, जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो मुझे लगता है कि ये ठीक था। सुंदरता के यहीं पैमाने तय किए गए थे और मैं निश्चित रूप से उस ब्रैकेट में नहीं आती।

मेरा ब्रैकेट अलग है और अब मेरे पास मौके हैं। मेरे जैस लोगों के लिए फिल्म बनाई जाती है, जो सुपर मॉडल्स जैसे नहीं दिखते हैं। ऐसे लोगों के लिए फिल्में बनती हैं, जो एवरेज हैं और नॉर्मल दिखते हैं।

शोषण की आपबीती बताई
सना ने इंडस्ट्री में शोषण के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसे लोगों का सामना किया, जो मुझे बताते थे कि काम केवल सेक्स के सहारे ही मिल सकता है। यह मेरे साथ भी हुआ है। मुझे जो जॉब मिलनी चाहिए थी, वो किसी और को दे दी गई। इसकी वजह मुझे नहीं पता। पर मुझे इतना पता है कि यह सभी लोग झेल रहे हैं। सेक्सिज्म हर इंडस्ट्री में है और यह सच है।

सना की अपकमिंग फिल्में
सना जल्द ही दो फिल्मों में नजर आएंगी। उनकी 'लूडो' और 'सूरज पर मंगल भारी' जल्द ही रिलीज होने वाली हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सना ने कहा था कि मैं भी एक्सपेरिमेंट करना चाहती हूं और दूसरी तरह के किरदार निभाना चाहती हूं। लूडो अनुराग बसु की फिल्म है और इसलिए मैं दादा के साथ काम करना चाहती थी। सूरज पर मंगल भारी की स्टारकास्ट जबरदस्त है। इसमें मनोज बाजपेयी, दिलजीत, अन्नू कपूर जैसे कलाकार हैं।



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Fatima Sana Sheikh said that she was molested at the age of 3


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लवीना लोध के खिलाफ कोर्ट पहुंचीं महेश भट्ट की बहन, बिना शर्त माफी और 90 लाख रु. का हर्जाना मांगा

फिल्ममेकर महेश भट्ट की बहन कुमकुम सहगल और भांजे साहिल ने एक्ट्रेस और मॉडल लवीना लोध के खिलाफ बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट में मानहानि का केस फाइल किया है। इसमें उन्होंने लवीना से माफी और 90 लाख रुपए के हर्जाने की मांग की है। दरअसल, पिछले दिनों लवीना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर पति सुमित सभरवाल को महेश भट्ट का भांजा बताया था और आरोप लगाया था कि वे बॉलीवुड में ड्रग्स और लड़कियां सप्लाई करते हैं। लवीना ने यह दावा भी किया था महेश भट्ट इस बारे में सबकुछ जानते हैं और वे उनके घर में घुसकर उन्हें वहां से निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

सहगल ने बिना शर्त माफी की मांग की

कुमकुम और साहिल ने कोर्ट से अपील की है कि वे आदेश जारी कर लवीना को उनके खिलाफ दिए अपमानजनक स्टेटमेंट के लिए बिना शर्त लिखित में माफी मांगने और हर्जाने के तौर पर 90 लाख रुपए देने का आदेश पारित करें। साथ ही एक्ट्रेस को आपत्तिजनक वीडियो हटाने का आदेश दिया जाए।

सहगल का दावा- सुमित दूर के रिश्तेदार

सहगल ने एडवोकेट रिजवान मर्चेंट के जरिए दायर अपने मुकदमे में कहा है कि लवीना ने 2010 में उनके दूर के रिश्तेदार सुमित सभरवाल से शादी की थी। कपल उनके वर्सोवा वाले फ्लैट में रह रहा था। वे यह फ्लैट खाली नहीं कर रहे थे, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया।

इसी महीने उन्हें फ्लैट खाली करने का नोटिस दिया गया था, इसी वजह से लवीना ने आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उनकी मानें तो यह पब्लिसिटी पाने और पति (जो अब उनके साथ नहीं रहता) के साथ अपनी व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए आजमाया गया घटिया तरीका है।

सुमित कह चुके- मैं महेश भट्ट का भांजा नहीं

पिछले दिनों सुमित सभरवाल ने भी आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा था कि वे महेश भट्ट के रिश्तेदार नहीं हैं। सुमित के वकील ने मामले में महेश भट्ट और उनके भाई मुकेश भट्ट का नाम घसीटे जाने पर खेद जताया था। उन्होंने कहा था, "हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारा क्लाइंट विशेष फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड में कर्मचारी रहा है। वह महेश भट्ट और मुकेश भट्ट का रिश्तेदार नहीं हैं।"

महेश भट्ट दे चुके कानूनी कार्रवाई की धमकी

महेश भट्ट और मुकेश भट्ट के प्रोडक्शन हाउस विशेष फिल्म्स के लीगल काउंसलर नायक, नायक एंड कंपनी की ओर से लवीना के आरोपों का खंडन किया गया था। उन्होंने अपने अधिकारिक स्टेटमेंट में कहा था- "लवीना लोध द्वारा जारी किए वीडियो के संदर्भ में। हम, हमारे क्लाइंट महेश भट्ट की ओर से आरोपों का खंडन करते हैं। इस तरह के आरोप न केवल झूठे और अपमानजनक हैं बल्कि कानून में गंभीर परिणाम वाले हैं। हमारे क्लाइंट कानूनी सलाह लेकर उचित कार्रवाई करेंगे।"



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